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Sunday, January 28, 2018

३० निर्गुण भक्ति और सगुण भक्ति

सदियों से ईश्वर प्राप्ति के लिए निर्गुण भक्ति वसगुण भक्ति के उपासकों में मतभेद रहा है, ये दोनों मार्ग ईश्वर की तरफ ही लेजाते है पर इनके साधक अपने-अपनेमार्ग को ही विशेष बतलाते है.
अगर एक पतिव्रता नारी जिसका पति परदेश गया है, वह अपने पति के फोटो को अपने माथे  से लगाकर नमन करती है तो वह असल में किसे नमन करती है? वह फोटो तो उसके पति नहीं है क्योंकि पति तो परदेश में है; अगर वह फोटोतोएक कागज है तो फिर वही कागज क्यों ? घर में अन्य कागजों की रद्दी क्या कम होती है ?
इसका सरल उत्तर यह है कि वह फोटो उस महिला के ह्रदय में उसके पति के प्रति उत्कट भाव जगाते है, जिसे अन्य कागज नहीं जगा सकते है. इस तरह फोटो तो सिर्फ एक साधन होता है, वह महिला भक्ति तो अपने पति की ही करती है.